'भाषान्तर' पर आपका हार्दिक स्वागत है । रचनाएँ भेजने के लिए ईमेल - bhaashaantar@gmail.com या bhashantar.org@gmail.com । ...समाचार : कवि स्वप्निल श्रीवास्तव (फैज़ाबाद) को रूस का अन्तरराष्ट्रीय पूश्किन सम्मान। हिन्दी के वरिष्ठ कवि केदारनाथ सिंह को 49 वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार। भाषान्तर की हार्दिक बधाई और अनन्त शुभकामनाएँ।

पूछने आया सबेरे / अनूप अशेष

पूछने आया सबेरे
गांव का चैता
कहाँ सतना
कहाँ दिल्ली है


दोपहर की धूप
नींदों के बुने सपने
उतरता-सा गिद्ध
सूखी डाल से अपने ,
नये कुर्ते में उगी सी दीठ
राजधानी रेलगाड़ी-सी
चिबिल्ली है

सह नहीं पाती सिकुड़ती
यह गली चौपाल
सूखने सा लगा भीतर
लोक रस का ताल
मन सिनेमा हो रहा है अब
आँख सडकें
हाथ गिल्ली है। 



[ श्रेणी : नवगीत । अनूप अशेष ]