'भाषान्तर' पर आपका हार्दिक स्वागत है । रचनाएँ भेजने के लिए ईमेल - bhaashaantar@gmail.com या bhashantar.org@gmail.com । ...समाचार : कवि स्वप्निल श्रीवास्तव (फैज़ाबाद) को रूस का अन्तरराष्ट्रीय पूश्किन सम्मान। हिन्दी के वरिष्ठ कवि केदारनाथ सिंह को 49 वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार। भाषान्तर की हार्दिक बधाई और अनन्त शुभकामनाएँ।

मैं दूंगा हिसाब / लीलाधर मंडलोई

मैं दूंगा हिसाब
अपनी मूर्खता, दर्प, अहंकार और लोभ का


मेरे भीतर था कोई संदेह

जिसपे मैं करता रहा सर्वाधिक विश्वास

मैं मरना नहीं चाहता था उसके हाथ

जबकि जीना तुम्हारे साथ कितना कठिन

यह एक सीधी-सरल बात है कि

तुम नहीं चाहते मुझे
मेरे लिए यह लज्जा की बात है
जबकि तुम मेरे इतने अभिन्न

मैं नि:शब्द हूँ एक वृक्ष की तरह

इसका मतलब यह नहीं कि
मैं नहीं हो सकता तुम्हारी तरह

होना तुम्हारी तरह एक लज्जा की बात है। 



[ श्रेणी : कविता । लीलाधर मंडलोई ]