'भाषान्तर' पर आपका हार्दिक स्वागत है । रचनाएँ भेजने के लिए ईमेल - bhaashaantar@gmail.com या bhashantar.org@gmail.com । ...समाचार : कवि स्वप्निल श्रीवास्तव (फैज़ाबाद) को रूस का अन्तरराष्ट्रीय पूश्किन सम्मान। हिन्दी के वरिष्ठ कवि केदारनाथ सिंह को 49 वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार। भाषान्तर की हार्दिक बधाई और अनन्त शुभकामनाएँ।

कैसे हैं चमत्कार / वीरेन्द्र आस्तिक

कैसे है चमत्कार
नेकी से हो रही बदी


लाशें ईमानों की
हत्यारे ही रखवाले
काले को उजाला करते
जादू भरे घुटाले

लंबोदर का भेष धरे
पीते दूध की नदी

आज़ादी के जंगल राजा के
कांड घिनौने
इनकी करतूतों को
छुपकर देखें मृग छौने

बता रहे ये
कैसी होगी इक्कीसवीं सदी

आयातित ईजादों से
हम अब तक क्या सीखें
क्या इनकी खुशियों के-
स्वाद नहीं लगते तीखे?

सता रहे हैं प्रेत
समस्याएँ हो गई सती


[श्रेणी : नवगीत । वीरेंद्र आस्तिक]