'भाषान्तर' पर आपका हार्दिक स्वागत है । रचनाएँ भेजने के लिए ईमेल - bhaashaantar@gmail.com या bhashantar.org@gmail.com । ...समाचार : कवि स्वप्निल श्रीवास्तव (फैज़ाबाद) को रूस का अन्तरराष्ट्रीय पूश्किन सम्मान। हिन्दी के वरिष्ठ कवि केदारनाथ सिंह को 49 वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार। भाषान्तर की हार्दिक बधाई और अनन्त शुभकामनाएँ।

बहस के बाद भी / अनिरुद्ध नीरव

बहस के बाद भी
आगे बहस है
बहस के पेंच के ऊपर

न कोई पेंचकस है ।

बहस में
क्या ग़लत है ?
सब सही है
दलीलें हैं
मिसल है
बतकही है ।
नहीं तो फ़कत
कोई नतीजा
हर इक मसला
वहीं पर जस का तस है ।

ज़हन आला
क़िताबें फ़लसफ़ा हैं ।
बहस में
इल्म है इल्ज़ाम है
दावा दफ़ा है ।
कहीं ज़िन्दा जिगर
मज़बूत दिल है
तो कहीं कमज़ोर नस है ।

बहस पत्थर के फल
काग़ज़ की रोटी
बहस में लोइयाँ तो हैं
मगर सब
हो गईं शतरंज-गोटी ।

ये कोई खेल है
रस्साकसी
या रास रस है ?


[ श्रेणी : नवगीत । अनिरुद्ध नीरव ]