'भाषान्तर' पर आपका हार्दिक स्वागत है । रचनाएँ भेजने के लिए ईमेल - bhaashaantar@gmail.com या bhashantar.org@gmail.com । ...समाचार : कवि स्वप्निल श्रीवास्तव (फैज़ाबाद) को रूस का अन्तरराष्ट्रीय पूश्किन सम्मान। हिन्दी के वरिष्ठ कवि केदारनाथ सिंह को 49 वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार। भाषान्तर की हार्दिक बधाई और अनन्त शुभकामनाएँ।

आ गए पंछी / दिनेश सिंह

आ गए पंछी
नदी को पार कर
इधर की रंगीनियों से प्यार कर


उधर का सपना
उधर ही छोड आए
हमेशा के वास्ते
मुँह मोड आए
रास्तों को
हर तरह तैयार कर

इस किनारे
पंख अपने धो लिये
नये सपने
उड़ानों में बो लिये

नये पहने
फटे वस्त्र उतारकर

नाम बस्ती के
खुला मैदान है
जंगलों का
एक नखलिस्तान है

नाचते सब
अंग-अंग उघार कर।


[श्रेणी : नवगीत । दिनेश सिंह]