'भाषान्तर' पर आपका हार्दिक स्वागत है । रचनाएँ भेजने के लिए ईमेल - bhaashaantar@gmail.com या bhashantar.org@gmail.com । ...समाचार : कवि स्वप्निल श्रीवास्तव (फैज़ाबाद) को रूस का अन्तरराष्ट्रीय पूश्किन सम्मान। हिन्दी के वरिष्ठ कवि केदारनाथ सिंह को 49 वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार। भाषान्तर की हार्दिक बधाई और अनन्त शुभकामनाएँ।

सूरज लील लिए / वीरेंद्र आस्तिक

हिरना
इस जंगल में
कब पूरी उम्र जिए


घास और पानी पर रहकर
सब तो, बाघों के मुंह से
निकल नहीं पाते
कस्तूरी पर वय चढ़ते ही
साये, आशीषों के
सर पर से उठ जाते

कस्तूरी के
माथे को
पढ़ते बहेलिए

इनके भी जो बूढ़े मुखिया होते
साथ बाघ के
छाया में पगुराते
कभी सींग पर बैठ
चिरैया गाती
या फिर मरीचिकाओं पर मुस्काते

जंगल ने
कितने
तपते सूरज लील लिए



[श्रेणी : नवगीत । वीरेंद्र आस्तिक]