'भाषान्तर' पर आपका हार्दिक स्वागत है । रचनाएँ भेजने के लिए ईमेल - bhaashaantar@gmail.com या bhashantar.org@gmail.com । ...समाचार : कवि स्वप्निल श्रीवास्तव (फैज़ाबाद) को रूस का अन्तरराष्ट्रीय पूश्किन सम्मान। हिन्दी के वरिष्ठ कवि केदारनाथ सिंह को 49 वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार। भाषान्तर की हार्दिक बधाई और अनन्त शुभकामनाएँ।

राजधानी में बैल 2 / उदय प्रकाश

एक सफ़ेद बादल
उतर आया है नीचे
सड़क पर

अपने सींग पर टाँगे हुए आकाश
पृथ्वी को अपने खुरों के नीचे दबाए अपने वजन भर
आँधी में उड़ जाने से उसे बचाते हुए

बौछारें उसके सींगों को छूने के लिए
दौड़ती हैं एक के बाद एक
हवा में लहरें बनाती हुईं

मेरा छाता
धरती को पानी में घुल जाने से
बचाने के लिए हवा में फड़फड़ाता है

बैल को मैं अपने छाते के नीचे ले आना चाहता हूँ
आकाश , पृथ्वी और उसे भीगने से बचाने के लिए

लेकिन शायद
कुछ छोटा है यह छाता ।

[ श्रेणी : कविता । उदयप्रकाश ]