'भाषान्तर' पर आपका हार्दिक स्वागत है । रचनाएँ भेजने के लिए ईमेल - bhaashaantar@gmail.com या bhashantar.org@gmail.com । ...समाचार : कवि स्वप्निल श्रीवास्तव (फैज़ाबाद) को रूस का अन्तरराष्ट्रीय पूश्किन सम्मान। हिन्दी के वरिष्ठ कवि केदारनाथ सिंह को 49 वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार। भाषान्तर की हार्दिक बधाई और अनन्त शुभकामनाएँ।

बांग्ला देश / एकांत श्रीवास्तव

हमारे घर समुद्र में बह गए
हमारी नावें समुद्र में डूब गईं

हर जगह
हर जगह
हर जगह उफन रहा है समुद्र

हमारे आँगन में समुद्र की झाग
हमारे सपनों में समुद्र की रेत

अभागे वृक्ष हैं हम
बह गई
जिनके जड़ों की मिट्टी

कभी महामारी कभी तूफ़ान में
कभी युद्ध कभी दंगे में
कभी सूखा कभी बाढ़ में
हमीं मरे हमीं

और हमीं रहे जीवित
विध्वंस के बाद पृथ्वी पर
घर बनाते हुए |

[ श्रेणी : कविता। एकांत श्रीवास्तव ]