'भाषान्तर' पर आपका हार्दिक स्वागत है । रचनाएँ भेजने के लिए ईमेल - bhaashaantar@gmail.com या bhashantar.org@gmail.com । ...समाचार : कवि स्वप्निल श्रीवास्तव (फैज़ाबाद) को रूस का अन्तरराष्ट्रीय पूश्किन सम्मान। हिन्दी के वरिष्ठ कवि केदारनाथ सिंह को 49 वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार। भाषान्तर की हार्दिक बधाई और अनन्त शुभकामनाएँ।

बचपन, गाँव, घोंसला, रात / पंकज सिंह

मोर नाचते हैं 
शीशम के जंगल में
डालों के झुरमुट में 
घूमता है
बूढ़ा चौकीदार--
पूरनमासी का चांद

परती के बीच 
एक घर है
जहाँ बच्चे सोए हैं
जहाँ माँ सोई है
लटक आते हैं 
छप्पर से गेहुँ
अन करइत

जहाँ आंगन में 
रात भर चमकती है 
एक कुदाल

(रचनाकाल : 1979)

[ श्रेणी : कवि। पंकज सिंह]