'भाषान्तर' पर आपका हार्दिक स्वागत है । रचनाएँ भेजने के लिए ईमेल - bhaashaantar@gmail.com या bhashantar.org@gmail.com । ...समाचार : कवि स्वप्निल श्रीवास्तव (फैज़ाबाद) को रूस का अन्तरराष्ट्रीय पूश्किन सम्मान। हिन्दी के वरिष्ठ कवि केदारनाथ सिंह को 49 वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार। भाषान्तर की हार्दिक बधाई और अनन्त शुभकामनाएँ।

पहली पेंशन /अनामिका

श्रीमती कार्लेकर 
अपनी पहली पेंशन लेकर 
जब घर लौटीं– 
सारी निलम्बित इच्छाएँ 
अपना दावा पेश करने लगीं। 

जहाँ जो भी टोकरी उठाई 
उसके नीचे छोटी चुहियों-सी 
दबी-पड़ी दीख गई कितनी इच्छाएँ! 

श्रीमती कार्लेकर उलझन में पड़ीं 
क्या-क्या ख़रीदें, किससे कैसे निबटें ! 
सूझा नहीं कुछ तो झाड़न उठाई 
झाड़ आईं सब टोकरियाँ बाहर 
चूहेदानी में इच्छाएँ फँसाईं 
(हुलर-मुलर सारी इच्छाएँ) 
और कहा कार्लेकर साहब से– 
“चलो ज़रा, गंगा नहा आएँ!”

[ श्रेणी :कविता । अनामिका ]