'भाषान्तर' पर आपका हार्दिक स्वागत है । रचनाएँ भेजने के लिए ईमेल - bhaashaantar@gmail.com या bhashantar.org@gmail.com । ...समाचार : कवि स्वप्निल श्रीवास्तव (फैज़ाबाद) को रूस का अन्तरराष्ट्रीय पूश्किन सम्मान। हिन्दी के वरिष्ठ कवि केदारनाथ सिंह को 49 वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार। भाषान्तर की हार्दिक बधाई और अनन्त शुभकामनाएँ।

भाव कुछ अपवाद के / अश्वघोष

लड़खड़ाए शब्द
फिर अनुवाद के ।

भोर के दिल में अनोखी धुंध है
धूप का भी व्याकरण अब कुंद है
जुड़ गये हैं भाव
कुछ अपवाद के ।

शीत में इक अग्निवर्णी घाम है
शान्ति में भी हर तरफ़ कोहराम है
होंठ सूखे जा रहे
अवसाद के ।

देख ली हमने शरारत शूल की
पसलियाँ हैं रक्तरंजित फूल की
टूटकर सपने गिरे
आल्हाद के ।

लड़खड़ाए शब्द
फिर अनुवाद के ।

[ श्रेणी : कविता । अश्वघोष ]