'भाषान्तर' पर आपका हार्दिक स्वागत है । रचनाएँ भेजने के लिए ईमेल - bhaashaantar@gmail.com या bhashantar.org@gmail.com । ...समाचार : कवि स्वप्निल श्रीवास्तव (फैज़ाबाद) को रूस का अन्तरराष्ट्रीय पूश्किन सम्मान। हिन्दी के वरिष्ठ कवि केदारनाथ सिंह को 49 वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार। भाषान्तर की हार्दिक बधाई और अनन्त शुभकामनाएँ।

जल नहीं है / अश्वघोष

अब नदी में जल 
नहीं है 

पत्थरों पर 
लेटकर खामोश, 
बादलों का पढ़ रही अफसोस 
सत्य है अटकल नहीं है 
अब नदी में जल 
नहीं है 

दूर, कितने 
दूर हैं अब तट, 
आती नहीं पदचाप की आहट 
पक्षियों की भी, कोई 
हलचल नहीं है 
अब 
नदी में 
जल नहीं है

[ श्रेणी : कविता । अश्वघोष ]