'भाषान्तर' पर आपका हार्दिक स्वागत है । रचनाएँ भेजने के लिए ईमेल - bhaashaantar@gmail.com या bhashantar.org@gmail.com । ...समाचार : कवि स्वप्निल श्रीवास्तव (फैज़ाबाद) को रूस का अन्तरराष्ट्रीय पूश्किन सम्मान। हिन्दी के वरिष्ठ कवि केदारनाथ सिंह को 49 वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार। भाषान्तर की हार्दिक बधाई और अनन्त शुभकामनाएँ।

आलोक धन्वा / परिचय

आलोक धन्वा
सन् 1948 में बिहार के मुंगेर जनपद में जन्म लेने वाले आलोक धन्वा हिंदी के क्रांतिकारी विचारधारा वाले कवियों में गिने जाते है। उनकी गोली दागो पोस्टर , जनता का आदमी, कपड़े के जूते और ब्रूनों की बेटिया जैसी कविताए बहुचर्चित रही है। 

कविता संग्रह 
  • ‘दुनिया रोज बनती है’ उनका बहुचर्चित कविता संग्रह है।
सम्मान 
  • पहल सम्मान 
  • नार्गाजुन सम्मान
  • फिराक गोरखपुरी सम्मान
  • गिरिजा कुमार माथुर सम्मान 
  • भवानी प्रसाद मिश्र सम्मान 
विशेष 
आलोक धन्वा जी विगत बारह चौदह वर्षों से लेखन में चुप्पी साधे हुये थे। एक अरसे के बाद महात्मा गांधी अंतरराष्टीªय हिंदी विश्वविद्यालय की पत्रिका ‘बहुबचन’ में उनकी चार नई कविताएँ सामने आई हैं। इन कविताओं के छपने के बाद हिंदी जगत में इनका व्यापक स्वागत हुआ है। इन चार कविताओं में से पर्यावरण दिवस 5 जून के अवसर पर दैनिक ‘अमर उजाला’ ने एक कविता ‘नन्हीं बुलबुल के तराने’ अपने रविवारीय संस्करण में भी प्रकाशित की है।

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