'भाषान्तर' पर आपका हार्दिक स्वागत है । रचनाएँ भेजने के लिए ईमेल - bhaashaantar@gmail.com या bhashantar.org@gmail.com । ...समाचार : कवि स्वप्निल श्रीवास्तव (फैज़ाबाद) को रूस का अन्तरराष्ट्रीय पूश्किन सम्मान। हिन्दी के वरिष्ठ कवि केदारनाथ सिंह को 49 वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार। भाषान्तर की हार्दिक बधाई और अनन्त शुभकामनाएँ।

बेटियों का गीत / अनिल जनविजय

मैं मौन रहूँ 
तुम गाओ
जैसे फूले अमलतास
तुम वैसे ही 
खिल जाओ

जीवन के 
अरुण दिवस सुनहरे
नहीं आज 
तुम पर कोई पहरे
जैसे दहके अमलतास
तुम वैसे 
जगमगाओ

कुहके जग-भर में 
तू कल्याणी
मकरंद बने 
तेरी युववाणी
जैसे मधुपूरित अमलतास
तुम सुरभि 
बन छाओ

रचनाकाल : 2007

[ श्रेणी : कविता । अनिल जनविजय ]