'भाषान्तर' पर आपका हार्दिक स्वागत है । रचनाएँ भेजने के लिए ईमेल - bhaashaantar@gmail.com या bhashantar.org@gmail.com । ...समाचार : कवि स्वप्निल श्रीवास्तव (फैज़ाबाद) को रूस का अन्तरराष्ट्रीय पूश्किन सम्मान। हिन्दी के वरिष्ठ कवि केदारनाथ सिंह को 49 वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार। भाषान्तर की हार्दिक बधाई और अनन्त शुभकामनाएँ।

गंध गीत / अनिरुद्ध नीरव

गंध जैस्मिन की
चोर-सी उतरती है।

दूधिया इमारत से
रेशम की डोरी लटकाकर,
आहिस्ते दबे पाँव रातों में
सन्नाटा पाकर।

साँसों में मुक्त
कामकेतु-सी फहरती है।

करवट-करवट
तपती रेत-सी बिछाकर,
सलवट-सलवट कोई नाग व्यूह
केंचुल में कामना छुपाकर।

बाँह कटी वीनस की
मूर्ति-सी उभरती है।
[ श्रेणी : नवगीत । अनिरुद्ध नीरव ]