'भाषान्तर' पर आपका हार्दिक स्वागत है । रचनाएँ भेजने के लिए ईमेल - bhaashaantar@gmail.com या bhashantar.org@gmail.com । ...समाचार : कवि स्वप्निल श्रीवास्तव (फैज़ाबाद) को रूस का अन्तरराष्ट्रीय पूश्किन सम्मान। हिन्दी के वरिष्ठ कवि केदारनाथ सिंह को 49 वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार। भाषान्तर की हार्दिक बधाई और अनन्त शुभकामनाएँ।

पत्ती / अशोक वाजपेयी

जितना भर हो सकती थी
उतना भर हो गई पत्ती
उससे अधिक हो पाना उसके बस में न था
न ही वृक्ष के बस में
जितना काँपी वह पत्ती
उससे अधिक काँप सकती थी
यह उसके बस में था
होने और काँपने के बीच
हिलगी हुई वह एक पत्ती थी

[ श्रेणी : कविता । अशोक वाजपेयी ]