'भाषान्तर' पर आपका हार्दिक स्वागत है । रचनाएँ भेजने के लिए ईमेल - bhaashaantar@gmail.com या bhashantar.org@gmail.com । ...समाचार : कवि स्वप्निल श्रीवास्तव (फैज़ाबाद) को रूस का अन्तरराष्ट्रीय पूश्किन सम्मान। हिन्दी के वरिष्ठ कवि केदारनाथ सिंह को 49 वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार। भाषान्तर की हार्दिक बधाई और अनन्त शुभकामनाएँ।

परिस्थितियाँ / कीर्ति चौधरी

ऊबड़-खाबड़ बेतरतीब पत्थरों में
थोड़ी जगह बनी।

बादलों की छाँह कभी दूर
कभी हुई घनी।

पास ही निर्झर की छल-छल
छलती रही।

जल सामीप्य की आस
पलती रही।

कँकरीली पथरीली एक चप्पा जगह
माटी की उर्वरता दूर से कर संग्रह

पौधा बढ़ता गया
मार्ग गढ़ता गया।

[ श्रेणी : कविता । कीर्ति चौधरी ]