'भाषान्तर' पर आपका हार्दिक स्वागत है । रचनाएँ भेजने के लिए ईमेल - bhaashaantar@gmail.com या bhashantar.org@gmail.com । ...समाचार : कवि स्वप्निल श्रीवास्तव (फैज़ाबाद) को रूस का अन्तरराष्ट्रीय पूश्किन सम्मान। हिन्दी के वरिष्ठ कवि केदारनाथ सिंह को 49 वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार। भाषान्तर की हार्दिक बधाई और अनन्त शुभकामनाएँ।

लेकिन / एरिष फ़्रीड

पहले पहल डूब गया मैं प्यार में तुम्हारे,
आँखों की चमक में तुम्हारी,
हँसी में तुम्हारी,
तुम्हारी जिजीविषा में।।

अब प्यार है मुझे आंसुओं से भी तुम्हारे,
जीवन के प्रति डर से तुम्हारे,
और तुम्हारी आँखों की
बेबसी से।।

लेकिन डर में तुम्हारे,
चाहता हूँ मैं मदद करना तुम्हारी,
चूंकि जिजीविषा मेरी
है सदैव तुम्हारी आँखों की चमक में।


[ श्रेणी : अनूदित कविता । एरिश फ्रीड। अनुवादक : प्रतिभा उपाध्याय ]